म्यांमार के रखाइन प्रांत में बीते काफ़ी समय से जारी हिंसा के बाद रोहिंग्या मुसलमानों ने बड़ी संख्या में म्यांमार छोड़कर पड़ोसी देशों में शरण ली है.

अंतरराष्ट्रीय जिहादी संगठनों ने इस मामले में म्यांमार के ख़िलाफ़ जिहाद छेड़ने की धमकी देना शुरू कर दिया है.

चरमपंथी संगठन रोहिंग्या संकट को दुनिया भर में जारी इस्लाम और मुसलमानों के ख़िलाफ़ जारी अत्याचार की शक्ल देने की कोशिश कर रहे हैं

अल-क़ायदा ने किया जिहाद का आह्वान

यमन की अल-क़ायदा शाखा और तालिबान ने अपने समर्थकों से एकजुट होकर म्यांमार के मुस्लिमों के साथ ख़ड़े होने की अपील की है.

अल-क़ायदा ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अलग-अलग देशों में म्यांमार के दूतावासों को जलाने के लिए कहा है. इन संदेशों में म्यांमार के दूतावासों के पते भी जारी किए गए हैं.

अल-क़ायदा समर्थकों ने टेलीग्राम के इस संदेश के लिंक को अपने नेटवर्क में साझा किया है.

इससे पहले कथित इस्लामिक स्टेट के टेलीग्राम ग्रुप ने भी इसी तरह के संदेश जारी किए हैं जो तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान और मिस्र में म्यांमार दूतावास पर हमले से स्पष्ट हो चुके हैं.

बदला लेने का दावा करने वाले संदेश

बीती 6 सितंबर को कई जिहादी समूहों ने टेलीग्राम पर चरमपंथियों से म्यांमार पहुंचकर रोहिंग्या मुसलमानों को बचाने को कहा है.

‘मुसलमानों का एक गांव जल रहा था…’

सीरिया के जिहादी समूह, हयात तहरीर-अल-शाम ने टेलीग्राम के एक चैनल में दावा किया है कि बर्मा के मुजाहिदीनों ने बांग्लादेश से म्यांमार पर हमला करके एक आर्मी कैंप पर हमला किया है जिसमें कुछ लोगों को मारकर निहत्थे रोहिंग्या मुसलमानों को मारे जाने का बदला लिया गया है.

हयात तहरीर-अल-शाम सीरियाई चरमपंथी संगठन अल-नुसरा से जुड़ा है.

जिहादी इस्लामिक नेता अब्द-अल-रज्जाक़ अल-महदी ने टेलीग्राम पर दावा किया है कि बर्मा में एक आत्मघाती हमले में एक दर्जन शापित बौद्धों को मार दिया गया है.

इस दावे में शबाब-अल-मुजाहिद्दीन आंदोलन के नाम पर हमला करने की बात कही गई है.

कौन है रोहिंग्या की रक्षा करने वाली सेना?

टेलीग्राम के एक अन्य जिहादी चैनल में कहा जा रहा है “पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मुजाहिदीन बर्मा में जेहाद में शामिल होने के लिए निकल चुके हैं.”

चेचन्या ने किया ऐसे संदेशों से किनारा

इस बीच रूस के चेचन्या प्रशासन ने कहा है कि म्यांमार में जिहाद के लिए निकलने की ख़बर ग़लत है.

ये ख़बर पहले रूस के कावाकज़ास्की उयेला वेबसाइट पर जारी हुई थी.

चेचन्या सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि इस दावे का असलियत से कोई लेना देना नहीं है.

इस बीच, अल क़ायदा से जुड़े सोमालिया के चरमपंथी समूह अल-शबाब ने बर्मा के बौद्धों के ख़िलाफ़ जिहाद का आह्वान किया है.

अल-शबाब ने अरबी भाषा में अपने कमांडर की तरफ़ से ये बयान जारी किया है.

इस संगठन ने ‘अल क़ायदा- भारतीय महाद्वीप’ से बौद्धों के खिलाफ़ जबाबी हमले करने को कहा है.

अल-शबाब ने इसके साथ ही ये भी कहा है कि उनके चरमपंथी रखाइन से बहुत दूर हैं लेकिन वे पूरी दुनिया में मुस्लिमों के उत्पीड़न पर नज़र रख रहे हैं और इन जगहों में म्यांमार भी शामिल है.

स्रोत– BBC

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